अमेठी: पत्रकार के खिलाफ दर्ज हुए मुकदमे ने पकड़ा तूल
मजदूर किसान पार्टी ने DGP को पत्र लिखकर हस्तक्षेप और अनशन समाप्त कराने की और जांच की मांग

अमेठी: पत्रकार के खिलाफ दर्ज हुए मुकदमे ने पकड़ा तूल
मजदूर किसान पार्टी ने DGP को पत्र लिखकर हस्तक्षेप और अनशन समाप्त कराने की और जांच की मांग
Global भारत डेस्क: अमेठी में पत्रकार त्रिपुरारी पाण्डेय पर दर्ज मुकदमे का मामला अब गरमा गया है। रसूख के चलते पत्रकार पर दर्ज हुए मुकदमे से जिले का माहौल बदलने लगा है लेकिन एक पत्रकार के समर्थन में इनकी जमात नजर नहीं आने से लोगों में कानाफूसी है कि क्या रसूखदार के आगे कलम विवश हो गई है। वहीं मजदूर किसान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट कौशल कुमार मिश्र ने उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) को पत्र लिखकर इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
क्या है पूरा मामला जिस पर अनशन कर रहा पत्रकार
11 मई 2026 को भेजे गए इस पत्र में मजदूर किसान पार्टी के अध्यक्ष ने लिखा है कि ग्राम भरथीपुर, थाना अमेठी के रहने वाले पत्रकार त्रिपुरारी पाण्डेय पिछले छह दिनों से न्याय के लिए आमरण अनशन पर बैठे हैं। आरोप है कि क्षेत्र के एक व्यवसायी ने खबर न छापने के लिए उन पर फर्जी मुकदमा (मु0अ0सं0-3/26) साइबर थाना गौरीगंज में दर्ज कराया है। पार्टी ने पत्र में कहा है कि पीड़ित पत्रकार क्षेत्र में हो रहे भ्रष्टाचार और दलित-मजदूर-किसानों की आवाज उठाता रहा है। उसे चुप कराने के लिए यह फर्जी मामला दर्ज किया गया है। मजदूर किसान पार्टी ने DGP से तत्काल हस्तक्षेप कर पत्रकार को न्याय दिलाने और उनका अनशन समाप्त कराने की अपील की है। यहां बताना गौर तलब रहेगा कि चौथे स्तंभ के तमाम साथी त्रिपुरारी पांडे के लिए खुल कर न बोल पा रहे हैं न लिख पा रहे है, जो यह साबित करने के लिए पर्याप्त है कि अमेठी में लोकतंत्र सिसक रहा है। ऐसे में सवालों के घेरे में न सिर्फ पुलिस प्रशासन बल्कि मीडिया भी है जो अपने ही साथी की खुल कर मदद नहीं कर पा रही है।
गौरतलब है कि इससे पहले भारतीय किसान यूनियन (लोकतांत्रिक) भी इस मामले में अमेठी के पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंप चुकी है। अब मजदूर किसान पार्टी के खुलकर समर्थन में आने से यह मामला और अधिक चर्चा में आ गया है।

